वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते बदलेगा मौसम; २३ जनवरी को उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी की प्रबल संभावना
उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक देवेंद्र त्रिपाठी के अनुसार, आने वाले दिनों में एक के बाद एक कई पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्रों में दस्तक देने वाले हैं। वर्तमान में एक सिस्टम सक्रिय है, जबकि अगला सिस्टम २२ जनवरी को पहुंचेगा। इसके प्रभाव से २३ जनवरी को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों पर भारी हिमपात और निचले इलाकों सहित मैदानी राज्यों में बारिश होने की संभावना है। जनवरी के अंत और फरवरी की शुरुआत में कड़ाके की ठंड, शीत लहर और घने कोहरे का प्रकोप फिर से लौटने के आसार हैं।
न्यूनतम तापमान में गिरावट और कड़ाके की सर्दी
आज १८ जनवरी को देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। गुलमर्ग में तापमान शून्य से ५.६ डिग्री नीचे रहा, जबकि मैदानी इलाकों में पंजाब का अमृतसर सबसे ठंडा रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान १.७ डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उत्तर प्रदेश के मेरठ और बरेली जैसे शहरों में भी पारा ४ से ५ डिग्री के बीच रहा, जिससे कड़ाके की ठंड महसूस की गई। दिल्ली के सफदरजंग में तापमान ५.३ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि पिछले दिनों की तुलना में कुछ राहत है, लेकिन आने वाले दिनों में उत्तर की ठंडी हवाओं के कारण फिर से तापमान गिरने का अनुमान है।
२३ जनवरी को बारिश और बर्फबारी का बड़ा अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, २३ जनवरी को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा, बरेली और शाहजहांपुर के इलाकों में भी इस दौरान मौसम बदलेगा। मध्य प्रदेश के ग्वालियर और गुना जैसे क्षेत्रों में भी बादल पहुंच सकते हैं। पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी और मैदानी इलाकों की बारिश से हवा साफ होने और प्रदूषण से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि नमी बढ़ने से कोहरा गहराने की भी आशंका बनी रहेगी।
मध्य और दक्षिण भारत के मौसम का हाल
मध्य और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले तीन दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क और साफ रहेगा। गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का असर कम होगा। हालांकि, केरल के तटवर्ती क्षेत्रों, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में कहीं-कहीं बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत के आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी हल्के बादल देखे जा सकते हैं, लेकिन भारी बारिश की कोई संभावना फिलहाल नहीं है।