सीमेंट की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के आसार; निर्माण लागत बढ़ने से आम आदमी के बजट पर पड़ेगा सीधा असर
अगर आप साल २०२६ की शुरुआत में अपना सपनों का घर बनाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए चिंताजनक हो सकती है। एचएसबीसी (HSBC) ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, २०२६ की पहली तिमाही में सीमेंट के दामों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। बजट पेश होने से ठीक पहले आने वाली यह तेजी घर बनाने की कुल लागत को सीधे तौर पर बढ़ा देगी, जिससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ
सीमेंट की कीमतों में तेजी के मुख्य कारण
रिपोर्ट में बताया गया है कि २०२६ की पहली छमाही में सीमेंट महंगा होने की सबसे बड़ी वजह मजबूत मांग और सीमेंट कंपनियों के क्षमता विस्तार में हो रही देरी है। आमतौर पर साल की पहली तिमाही निर्माण कार्यों के लिए सबसे सक्रिय सीजन मानी जाती है, और इसी बढ़ती मांग का फायदा उठाकर कंपनियां कीमतें बढ़ा सकती हैं। हालांकि, वित्त वर्ष २०२६-२७ में लगभग १० करोड़ टन नई सीमेंट क्षमता जुड़ने की उम्मीद है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ २०२६ के अंत तक ही मिल पाएगा। तब तक बाजार में कीमतें ऊंची बनी रहने की संभावना है।















