वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते कड़ाके की ठंड से मिलेगी राहत; उत्तर भारत से लेकर महाराष्ट्र तक तापमान में बढ़ोतरी की संभावना
देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड अब धीरे-धीरे कम होने लगी है। स्काईमेट वेदर के अनुसार, हवाओं की दिशा बदलने और सक्रिय हो रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस (Western Disturbance) के कारण न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है। आने वाले दिनों में विशेषकर २२ से २५ जनवरी के बीच पहाड़ों पर भारी हिमपात और मैदानी राज्यों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
पहाड़ों पर बर्फबारी का तांडव और यातायात पर असर
हिमालयी क्षेत्रों में १७ जनवरी से ही बादलों का डेरा शुरू हो गया है। आने वाले सप्ताह में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों पर भारी से बहुत भारी बर्फबारी होने का अनुमान है। २३ से २५ जनवरी के बीच बर्फबारी इतनी तीव्र हो सकती है कि जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग सहित कई महत्वपूर्ण मार्ग बंद हो सकते हैं। भारी हिमपात के कारण हिमस्खलन (Avalanche) और भूस्खलन (Landslides) का खतरा भी बढ़ गया है, इसलिए पर्यटकों को इन क्षेत्रों की यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मैदानी राज्यों और राजस्थान-गुजरात में बारिश का पूर्वानुमान
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में २२ जनवरी से बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के कई जिलों में २३ और २४ जनवरी को अच्छी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में १८ और १९ जनवरी को बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन मुख्य बारिश २३ तारीख के बाद ही दिखेगी। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों जैसे शामली, मुजफ्फरनगर और मेरठ में भी २४-२५ जनवरी को बारिश का अनुमान है। गुजरात के कच्छ और जामनगर जैसे इलाकों में भी २३ जनवरी को बारिश की संभावना बनी हुई है।
महाराष्ट्र और मध्य भारत में ठंड में आएगी कमी
महाराष्ट्र और मध्य भारत के राज्यों में भी अगले दो-तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में ३ से ४ डिग्री की बढ़ोतरी होगी, जिससे रात की ठंड से राहत मिलेगी। मुंबई, ठाणे और नासिक जैसे इलाकों में २५ जनवरी के आसपास बादल छाने या हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन तापमान बढ़ने से सर्दी का असर कम हो जाएगा। दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में २५ और २६ जनवरी को एक बार फिर उत्तर-पूर्वी हवाओं के चलते बारिश की वापसी हो सकती है।